खेल

सांसद पुत्र की गाड़ी रोककर किया विरोध, नही दी गई ईनाम की राशि

इनामी राशि को लेकर सांसद खेल महोत्सव में हंगामा, खिलाड़ियों ने सांसद पुत्र की गाड़ी रोककर किया विरोध

रीवा। रीवा में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के दौरान शनिवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब नाराज खिलाड़ियों ने सांसद के बेटे की गाड़ी रोककर विरोध प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों का कहना था कि जब तक प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए घोषित नकद पुरस्कार और इनामी राशि नहीं दी जाती, तब तक वे गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने देंगे।

गाड़ी के बोनट पर खड़े होकर किया विरोध
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खिलाड़ी गाड़ी के सामने खड़े हो गए और कुछ खिलाड़ी बोनट को पकड़कर विरोध जताने लगे। सांसद के पुत्र द्वारा लगातार हॉर्न बजाने के बावजूद खिलाड़ी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। मौके पर काफी देर तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बाद में सांसद के बेटे को गाड़ी से उतरकर खिलाड़ियों से बातचीत करनी पड़ी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
खिलाड़ी बोले—हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे
खिलाड़ियों का कहना था कि यदि गाड़ी एक बार निकल गई तो उनकी कोई सुनवाई नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी जाए, लेकिन वे अपने अधिकारों की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
खिलाड़ी शुभम, दिव्यांश मिश्रा और मोहिता ने बताया कि प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए घोषित 11 हजार और 21 हजार रुपये की नकद राशि उन्हें नहीं दी गई। उनके अनुसार, केवल मेडल देकर उन्हें लौटा दिया गया, जिससे आहत होकर उन्होंने अपने मेडल भी वापस कर दिए।


दबाव और धमकी का आरोप
नाराज खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि विरोध न करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। कुछ खिलाड़ियों का कहना है कि आवाज उठाने पर उनके खेल करियर को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें खिलाड़ी आयोजन में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं।
एनएसयूआई ने उठाए सवाल
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि खिलाड़ियों से पहले बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने इसे खेल और युवाओं के साथ अन्याय बताया।
आयोजकों ने आरोपों से किया इनकार
वहीं आयोजन समिति ने खिलाड़ियों के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। हालांकि, इस घटना ने सांसद खेल महोत्सव की व्यवस्थाओं और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Related Articles

Back to top button
Close