मैहर की उन्नति पांडेय ने राष्ट्रीय हॉकी में दिखाया दम, एमपी टीम को दिलाया रजत पदक, फाइनल में पेनाल्टी हिट बनी चर्चा का केंद्र

सतना। मैहर की होनहार खिलाड़ी उन्नति पांडेय ने राष्ट्रीय शालेय हॉकी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सरला हायर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा 7वीं की छात्रा उन्नति ने ग्वालियर में आयोजित राष्ट्रीय शालेय हॉकी स्पर्धा में मध्यप्रदेश टीम की ओर से खेलते हुए रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
फाइनल में दबाव के बीच दिखाया आत्मविश्वास
सेंट्रल फॉरवर्ड पोज़िशन पर खेलने वाली उन्नति अपनी तेज़ गति, बेहतरीन बॉल कंट्रोल और सटीक हिट के लिए जानी जाती हैं। झारखंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में जब मध्यप्रदेश की टीम दबाव में थी, तब उन्नति ने पेनाल्टी के दौरान शानदार हिट लगाकर टीम को निर्णायक बढ़त दिलाई। उनका यह मास्टर स्ट्रोक पूरे टूर्नामेंट की सबसे चर्चित चालों में शामिल रहा।
मजबूत टीमों को दी कड़ी चुनौती
टूर्नामेंट के दौरान मध्यप्रदेश टीम ने केरल, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और चंडीगढ़ जैसी मजबूत टीमों को कड़ी चुनौती दी। हर मुकाबले में उन्नति ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए विपक्षी डिफेंस को भेदने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पिछली असफलता बनी सफलता की प्रेरणा
गौरतलब है कि इससे पहले भी उन्नति का चयन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ था, लेकिन तब टीम पदक तक नहीं पहुंच सकी थी। इस बार उन्नति ने पिछली असफलता को प्रेरणा बनाकर कड़ी मेहनत की और अपने खेल में निखार लाकर राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक हासिल किया।
साधारण परिवार, बड़े सपने
उन्नति के पिता दीपक पांडेय सीमेंट कंपनी में सुरक्षा कर्मी हैं, जबकि उनकी माता मीनाक्षी पांडेय के पिता भी इसी कंपनी में कार्यरत हैं। उन्नति अपने पिता के साथ कंपनी परिसर स्थित क्वार्टर में रहती हैं। उनका मूल गांव तिलौरा है, जो स्कूल से करीब 15 किलोमीटर और अल्ट्राटेक परिसर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
स्कूल और प्रबंधन का योगदान
ग्वालियर से फोन पर बातचीत में उन्नति ने कहा, “मेरी इस उपलब्धि में सरला स्कूल और सीमेंट प्रबंधन का बड़ा योगदान है। बेहतर ट्रेनिंग, खेल सुविधाएं और निरंतर प्रोत्साहन न मिलता तो यहां तक पहुंच पाना मुश्किल था।” स्कूल प्रबंधन ने भी उन्नति की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य छात्र-छात्राओं और उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।




