अपराध

मझगवां में सरकारी चालान लूट का खेल उजागर, ऑनलाइन कियोस्क बना किसानों से ठगी का अड्डा, सालों से चलता रहा फर्जीवाड़ा

नायब तहसीलदार ने एफआईआर दर्ज करने थाना प्रभारी को लिखा पत्र

सतना। जिले की मझगवां तहसील में ऑनलाइन कियोस्क व्यवस्था की आड़ में सरकारी राजस्व से खुलेआम लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कियोस्क संचालक किसानों और आम नागरिकों से पूरी राशि वसूल कर सरकारी कोष में आधी रकम जमा करता रहा और रसीदों में एडिटिंग कर फर्जी दस्तावेज थमा देता था। इस गंभीर फर्जीवाड़े का खुलासा नायब तहसीलदार डॉ. सुदामा प्रसाद की सतर्कता से हुआ है। उन्होंने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए मझगवां थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखित पत्र भेजा है।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
मझगवां तहसील का सामने धनबाबू पटेल ऑनलाइन कियोस्क का संचालन करता था। जांच में पाया गया कि कियोस्क संचालक सरकारी चालान की राशि में हेरफेर कर रहा था। बाबूलाल पिता श्यामसुंदर से रजिस्ट्री नामांतरण के लिए 2000 का अर्थदंड वसूला गया
लेकिन सरकारी कोष में सिर्फ 1000 जमा किए गए शेष 1000 की हेराफेरी करते हुए रसीद को एडिट कर किसान को 2000 की फर्जी रसीद दे दी गई यही तरीका घनश्याम पटेल सहित अन्य लोगों के साथ भी अपनाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह खेल एक-दो दिन नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा था। तहसीलदार कार्यालय द्वारा अब पूरे कियोस्क लेन-देन की विस्तृत ऑडिट जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक संकेत हैं कि यह मामला सिर्फ दो लोगों तक सीमित नहीं है। जांच आगे बढऩे पर और पीडि़त सामने आ सकते हैं।

एफआईआर के बाद बढ़ेगी कार्रवाई
नायब तहसीलदार द्वारा पुलिस को पत्र भेजे जाने के बाद अब कियोस्क संचालक पर
धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी धन के गबन जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने की संभावना है।

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