अपराध

निवेशकों से करोड़ों की ठगी, मैच्योरिटी पर पैसे लौटाने से इंकार, सतना–रीवा में एचीवर्स क्रेडिट सोसायटी का कथित घोटाला

सतना–रीवा में हड़कंप, एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से निवेशक परेशान

सतना। एचीवर्स क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड पर सतना और रीवा क्षेत्र के निवेशकों से सुनियोजित तरीके से आर्थिक धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। निवेशकों का आरोप है कि सोसायटी द्वारा बैंकिंग संस्थाओं की तर्ज पर दैनिक, साप्ताहिक और मासिक आरडी, एफडी एवं उच्च शिक्षा बॉन्ड के नाम पर लोगों से धन निवेश कराया गया, लेकिन मैच्योरिटी के समय मूलधन और ब्याज लौटाने से साफ इनकार कर दिया गया।
सोसायटी का रजिस्टर्ड कार्यालय गोमतीनगर, लखनऊ (उ.प्र.) में स्थित है, जबकि सतना शाखा की संचालिका नीतू सिंह, कैशियर चंद्रिका कुशवाहा उर्फ विक्रम कुशवाहा और अन्य कर्मचारियों पर गुमराह करने और दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि शुरुआती दौर में छोटे रिटर्न देकर निवेशकों का भरोसा जीता गया, इसके बाद तीन, पांच, सत्रह और बीस वर्षों की दीर्घकालीन योजनाओं में पैसा लगवाया गया।

पैसे मांगने पर अभद्रता और मारपीट के आरोप
पीड़ित निवेशकों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी जमा राशि वापस मांगी, तो उन्हें अलग-अलग तारीखों का झूठा आश्वासन दिया गया। वहीं, सतना शाखा में रकम की मांग करने पर कथित तौर पर गाली-गलौच, धमकी और मारपीट तक की घटनाएं हुईं।

रीवा में एफआईआर, सतना में सन्नाटा
मामले से आहत रीवा के निवेशकों ने थाना बिछिया, रीवा में एफआईआर क्रमांक 0458/2025 दर्ज कराई है। पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए सतना शाखा की संचालिका नीतू सिंह की तलाश में कई स्थानों पर छापामारी की जा रही है, लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार बताई जा रही है। इसके विपरीत, सतना के कई निवेशकों ने विभिन्न थानों और पुलिस अधीक्षक सतना को लिखित आवेदन देकर जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से निवेशकों में आक्रोश है।

ताला लगाकर फरार होने की आशंका
निवेशकों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो सोसायटी के कर्मचारी किसी भी समय सतना शाखा में ताला लगाकर फरार हो सकते हैं, जिससे सैकड़ों निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
पीड़ित निवेशकों ने प्रशासन, पुलिस और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए और निवेशकों की मेहनत की कमाई उन्हें वापस दिलाई जाए।

बड़ा सवाल
क्या सहकारी सोसायटी की आड़ में खुलेआम ठगी हो रही है?
क्यों नहीं हो रही सतना में एफआईआर?
क्या आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) करेगा हस्तक्षेप?
निवेशकों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि तत्काल जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी जमा पूंजी सुरक्षित कर वापस दिलाई जाए।

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