अपराध

संरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण हटाया, तीन परिवारों के अस्थायी आशियाने ध्वस्त

अमरपाटन वन परिक्षेत्र में बड़ी कार्रवाई, वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज

मैहर जिले के अमरपाटन वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने संरक्षित वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बुधवार को बीट कोलगढ़ के कक्ष क्रमांक पी-623 में बनाए गए तीन अस्थायी आशियानों को ध्वस्त कर दिया। मामले में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, संबंधित तीनों परिवार ग्राम पंचायत बड़ा इटमा के निवासी हैं। करीब 15 दिन पूर्व पारिवारिक विवाद के चलते उन्होंने गांव छोड़ दिया था और अंधियारी डैम से लगे मन्नी क्षेत्र की संरक्षित वन भूमि पर बिना अनुमति डेरा डाल लिया था। यहां अस्थायी ढांचे तैयार किए जा रहे थे, जिसे विभाग ने अवैध मानते हुए हटाने की कार्रवाई की।

आगजनी के बाद टली थी कार्रवाई
वन विभाग ने मंगलवार को भी अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया था, लेकिन इसी दौरान एक झोपड़ी में आग लगने की घटना सामने आई। आगजनी को लेकर वन अमले और संबंधित परिवारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनी, जिसके चलते कार्रवाई को 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया था। बुधवार को वन अमला पुनः मौके पर पहुंचा और निर्माण कार्य रुकवाते हुए झोपड़ियों को हटाया। अमरपाटन परिक्षेत्र के अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इन पर दर्ज हुआ प्रकरण
वन विभाग ने वंश रोपन कोल (28) पिता हरदीन कोल निवासी ग्राम पोडिया, मुन्ना कोल (23) पिता कोदूलाल कोल निवासी बड़ा इटमा, गोलू कोल (10), बुटान कोल (45), डोटी बाई (35) तथा धर्मेन्द्र कोल (38) निवासी बड़ा इटमा के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत बड़ा इटमा के सरपंच ने भी प्रशासन का सहयोग किया। अभियान में परिक्षेत्र सहायक गोरसरी, रामनगर बीट प्रभारी डगा गुलवार तथा गोरसरी एवं कुदरी बीट के वन कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
वन विभाग ने कहा है कि आगे भी वन भूमि की नियमित निगरानी की जाएगी और अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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