आयुष्मान हॉस्पिटल की पैथोलॉजी में बड़ा फर्जीवाड़ा! बिना डॉक्टर के हस्ताक्षर जारी होती रहीं जांच रिपोर्टें

सतना के आयुष्मान हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर प्रा.लि. की पैथोलॉजी लैब में गंभीर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट की वास्तविक मौजूदगी और हस्ताक्षर के बिना ही रक्त एवं अन्य जांच रिपोर्टें जारी की जा रही हैं, जो सीधे-सीधे भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता का उल्लंघन है।
शिकायत के अनुसार हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. राकेश जैन सहित सरोज गुप्ता (पत्नी स्व. डॉ. बी.एल. गुप्ता), डॉ. हिमांशु गुप्ता, डॉ. आनंद गुप्ता, डॉ. आकृति गुप्ता, डॉ. उत्तरा गुप्ता और पैथोलॉजिस्ट डॉ. साक्षी चौरसिया के नाम से जांच रिपोर्टें जारी की जाती हैं, लेकिन रिपोर्टों पर डॉ. साक्षी चौरसिया के वास्तविक हस्ताक्षर नहीं होते। केवल हस्ताक्षर की प्रिंटेड सील लगाकर रिपोर्ट मरीजों को थमा दी जाती है।
मरीज राघव तिवारी की 7 जनवरी 2026 की पैथोलॉजी रिपोर्ट शिकायत के साथ संलग्न की गई है, जिसमें गंभीर विसंगति सामने आई है। जांच पर्ची में हीमोग्लोबिन (HGB) 16.8 दर्ज है, जबकि अंतिम रिपोर्ट में 10.8 दर्शाया गया है। यह अंतर न केवल मेडिकल नियमों की अनदेखी है, बल्कि मरीज की जान के साथ सीधा खिलवाड़ भी माना जा रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप है कि इससे पहले भी पैथोलॉजिस्ट डॉ. अनीता गर्ग के नाम की हस्ताक्षर सील लगाकर रिपोर्टें जारी की जाती रही हैं। शिकायतकर्ता के पास इस पूरे मामले की वीडियोग्राफी उपलब्ध होने का दावा किया गया है। पूर्व में शिकायत के बाद जांच में आरोप सही पाए जाने पर आयुष्मान हॉस्पिटल की पैथोलॉजी को मात्र तीन दिनों के लिए बंद किया गया था, लेकिन बिना शिकायतकर्ता को सूचना दिए पुनः लैब संचालन शुरू कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि पैथोलॉजिस्ट डॉ. साक्षी चौरसिया लैब में मौजूद नहीं थीं, इसके बावजूद कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, तो डॉ. राकेश जैन समेत सभी जिम्मेदारों के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 324, 335, 336 और 340 के तहत आपराधिक परिवाद न्यायालय में दायर किया जाएगा।
यह मामला न सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शहर में मरीजों की जिंदगी किस तरह जोखिम में डाली जा रही है।




