दो कमरों का घर… एक में परिवार, दूसरे में 15 साल से सरकारी स्कूल

सतना। जिले के उचवा टोला में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत हैरान करने वाली है। यहां शासकीय प्राथमिक विद्यालय पिछले 15 वर्षों से एक ग्रामीण के निजी घर के एक छोटे से कमरे में संचालित हो रहा है। वर्ष 2010 से यह स्कूल रामसज्जन मल्लाह के दो कमरों के मकान में चल रहा है। हाल ही में मामला सामने आने पर कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए जल्द भवन निर्माण का आश्वासन दिया है।
एक कमरे में परिवार, दूसरे में पढ़ाई
रामसज्जन मल्लाह के घर में केवल दो छोटे कमरे हैं। एक कमरे में उनकी पत्नी और तीन बेटों सहित पूरा परिवार रहता है, जबकि दूसरा कमरा उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए नि:शुल्क दे रखा है। स्कूल की छुट्टी के बाद वही कमरा फिर उनके निजी उपयोग में आ जाता है।
23 बच्चे, दो शिक्षिकाएं
शासकीय प्राथमिक शाला, उचवा टोला में 23 छात्र नामांकित हैं। स्कूल में दो महिला शिक्षिकाएं—शैलजा गौतम और प्रभारी प्रधानाध्यापक अनीता सिंह—कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद नियमित कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
अपने संघर्ष से जन्मा संकल्प
रामसज्जन मल्लाह बताते हैं कि बचपन में उन्हें पढ़ाई के लिए 3 किलोमीटर दूर तिघरा प्राथमिक शाला तक पैदल जाना पड़ता था। बारिश और गर्मी में काफी परेशानी होती थी। इसी अनुभव ने उन्हें प्रेरित किया कि गांव के बच्चों को शिक्षा के लिए भटकना न पड़े।
जब 2010 में गांव में स्कूल शुरू करने की बात आई और भवन उपलब्ध नहीं था, तब उन्होंने अपने घर का एक कमरा स्कूल संचालन के लिए दे दिया। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही स्थायी स्कूल भवन बनवाकर बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगा।




